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  • घर पर बॉडी कैसे बनाएं (Ghar par exercise kaise kare)

    आज के दौर में हर कोई स्वस्थ और फिट दिखना चाहता है पर हर किसी के पास टाइम या जिम जाने का बजट नहीं है इसलिए इस लेख में जानेंगे घर पर बॉडी कैसे बनाएं (Ghar par exercise kaise kare)


    यह एक अफवाह ही है कि घर पर बॉडी नहीं बना सकते बस आपके अंदर एक दृढ़ निश्चय होना चाहिए तो आपको एक अच्छी बॉडी बनाने से कोई नहीं रोक सकता है एक आंकड़े के मुताबिक हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे का शिकार और धीरे-धीरे मोटापा एक महामारी की तरह फैल रहा है अगर इस पर अभी ध्यान नहीं दिया तो बाद में यह एक गंभीर समस्या बन सकता है तो इससे बचने के लिए घर पर एक्सरसाइज शुरू कर सकते हैं

    घर पर एक्सरसाइज करने के फायदे

    • घर पर एक्सरसाइज करने कका मुख्य फायदा है की समय की बचत होती है जिम आने-जाने में जो समय लगता है उसे बचाया जा सकता है सुबह या शाम जब आपको टाइम मिले आप एक्सरसाइज कर सकते हैं
    • घर पर एक्सरसाइज करने से पैसे की बचत होती है आजकल जिम के मेंबरशिप बहुत महंगी हो गई है और घर पर एक्सरसाइज जीरो इन्वेस्टमेंट पर कर सकते हैं
    • घर पर आपको कंफर्ट जोन मिलता है आप अपने हिसाब से वर्कआउट कर सकते हैं और आपको कोई भी डिस्टर्ब करने वाला नहीं होता आपका खुद का पर्सनल स्पेस होता है ना ही आपको कोई देखकर जज करेगा
    • आप अपने वर्कआउट रूटिंन को अपने हिसाब से बना सकते हैं कोई भी फिक्स समय नहीं है और न ही टेंशन लेने की जरूरत है
    • आप चाहे तो आप अपने परिवार के साथ भी एक्सरसाइज कर सकते हैं

    शुरुआत कैसे करें

    Ghar par exercise kaise kare

    • अगर आप घर पर एक्सरसाइज करना शुरू कर रहे हैं तो आपको कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है
    • सबसे पहले अपना लक्ष्य बनाएं कि आप एक्सरसाइज क्यों करना चाहते हैं वजन घटाने, वजन बढ़ाने के लिए ,लचीलापन, मसल बढ़ोतरी या सिर्फ एक्टिव रहने के लिए अगर आप लक्ष्य पहले से ही निर्धारित होगा तो आपको हासिल करना आसान होगा
    • घर पर एक्सरसाइज करने के लिए एक जगह फिक्स करें और वह जगह शांत वह साफ होनी चाहिए
    • घर पर एक्सरसाइज करने का सही समय चुने जिस समय आप रेग्युलर एक्सरसाइज कर सकते हैं
    • एक्सरसाइज करते समय कंफर्ट कपड़े पहने जिससे आपको एक्सरसाइज करने में आसानी हो
    • एक्सरसाइज से पहले वार्म अप करना बहुत जरूरी है शुरू में 5-10 मिनट वॉर्म अप जरूर करें
    • वर्कआउट खत्म होने के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें जिससे आपके मसल रिलैक्स हो सके

    एक्सरसाइज के प्रकार (Ghar par exercise kaise kare)

    आपको सेहतमंद रहने के लिए महंगे एक्यूमेंट लेने की कोई जरूरत नहीं है आपकी बॉडी ही आपका सबसे बड़ा इक्विपमेंट है कुछ बॉडी वेट एक्सरसाइज जो आप कर सकते हैं

    1. ऊपरी बॉडी के लिए (upper body exercise)

    Push up – पुश अप छाती, कंधे और ट्राइसेप्स के लिए बहुत बढ़िया एक्सरसाइज है और इसे करने के लिए किसी प्रकार की उपकरण की जरूरत नहीं होती और आप चाहे wall push up,knee push up भी कर सकते हैं

    Tricep dips – इस एक्सरसाइज में आप कुर्सी व बेड का उपयोग कर सकते हैं या आपके ट्राइसेप्स मसल को टारगेट करता है

    Superman – पेट के बल लेट जाएं और अपने पैरों और टांगों को एक साथ ऊपर उठाएं यह आपकी बेक को मजबूत बनाता है

    2. बॉडी के निचले हिस्से के लिए(lower body)

    Ghar par exercise kaise kare

    squats- यह टांगे और ग्लूट्स के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज है इन्हें करते समय आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए और घुटने पंजे से आगे नहीं आने चाहिए

    Lunges – यह एक्सरसाइज आपके quads, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स के लिए अच्छी होती है इस एक्सरसाइज में आपको घुटना 90° डिग्री पर होना चाहिए

    Glute bridges – यह आपके ग्लूट्स मसल को टारगेट करती है

    Calf raises – इस एक्सरसाइज में पंजों के बल खड़े होकर करें एडी को ऊपर उठाएं इससे आपकी पिंडली (calves) मजबूत बनती है

    3. पेट की एक्सरसाइज (core exercise)

    Crunches – पीठ के बल लेट जाएं और बॉडी को थोड़ा सा ऊपर उठाएं यह आपके ऊपरी सिक्स पैक बनाने के लिए बहुत अच्छी एक्सरसाइज है

    Ghar par exercise kaise kare

    Plank – यह कोर को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज है इसे जितनी देर तक होल्ड कर सकते हैं होल्ड करें

    Leg raises – पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों पैर ऊपर उठाएं और कुछ सेकेंड तक इसी स्थिति में रखें यह लोअर एब्स के लिए बहुत फायदेमंद एक्सरसाइज है

    Bicycle crunches – जैसे आप साइकिल चलाते हैं वैसे पैरों को हवा में हिलाई पीठ के बल लेट कर और कोहनी से घुटनों को छूने की कोशिश करें

    Flutter kicks – पीठ के बल लेट कर पैरों को ऊपर उठकर तेजी से ऊपर नीचे करें

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    खुद को मोटिवेट कैसे रखें

    • छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं जिसे हासिल किया जा सके इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा
    • हमेशा एक ही तरह से एक्सरसाइज न करें दो-तीन दिन में एक्सरसाइज बदलते रहे जिससे बोरियत नहीं होगी
    • एक्सरसाइज करते समय गाना सुन सकते हैं जिससे आपको वर्कआउट करने में मजा आएगा
    • अगर हो सके तो एक पार्टनर बनाएं जिसके साथ आप वर्कआउट कर सकें और जिससे आप एक दूसरे से मोटिवेट रहे

    डाइट का महत्व-

    • अच्छी बॉडी बनाने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं होता है इसके लिए जरूरी है रोज एक अच्छी डाइट लेना
    • आप एक बैलेंस डाइट लें जिसमें प्रोटीन कार्ब्स और हेल्दी फैट हो
    • अच्छी बॉडी बनाने के लिए प्रोटीन की मात्रा पूरी होनी बहुत जरूरी है
    • प्रोटीन मसल को रिपेयर और बढ़ोतरी में वृद्धि करता है प्रोटीन फूड जैसे- दाल, पनीर, अंडा ,चिकन ड्राई फ्रूट आदि
    • दिन में तीन से चार लीटर पानी जरूर पिए इससे आपकी बॉडी हाइड्रेट रहेगी
    • फास्ट फूड व मीठी चीज जिनमें शुगर की अधिक मात्रा हो खाने से बचें इससे आपका वजन बढ़ेगा
    • रोज फल वह सब्जियां खाएं सामान्य इंसान को रोज 280 ग्राम सब्जी और 90 ग्राम फ्रूट खाना चाहिए

    यह कॉमन गलतियां न करें

    • किसी भी एक्सरसाइज को गलत तरीके से करना
    • कभी भी वॉर्म अप स्किप न करें वार्म अप करने से इंजरी होने का रिस्क कम हो जाता है
    • बॉडी को थोड़ा आराम दे हफ्ते में एक दिन का रेस्ट जरूर करें
    • रेग्युलर एक्सरसाइज करें एक हफ्ते वर्कआउट करने के बाद छोड़ देने से कुछ फायदा नहीं होगा
    • कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करें
  • चावल खाने के नुकसान और फायदे

    भारत में चावल भोजन का प्रमुख हिस्सा है और साउथ भारत में चावल बड़ी संख्या में खाया जाता है चावल खाने के नुकसान और फायदे दोनों होते हैं
    यह निर्भर करता है आपके स्वास्थ्य और चावल किस प्रकार व कब खा रहे हैं आज के समय युवा डाइटिंग और फिटनेस के लिए चावल को अच्छा नहीं मानते है वे सोचते हैं कि चावल खाने से वजन बढ़ता है और खासकर लड़कियों में फिट और स्लिम लगने की होड़ सी लगी हुई है जिस कारण चावल को गलत बताया जाता है भारत में लोग चावल प्राचीन काल से ही खाते आ रहे हैं और चावल खाने के साथ हमारी संस्कृति और रीति- रिवाज, त्योहार से भी जुड़े हुए है

    चावल के प्रकार (types of rice)

    ज्यादातर लोग सफेद चावल के बारे में जानते हैं पर चावल कई प्रकार के होते हैं जिसमें उनमें पोषक तत्व की मात्रा अलग-अलग होती है

    सफेद चावल (white rice)

    यह सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले चावल है और भारत में ज्यादातर सफेद चावल ही खाएं जाते हैं

    भूरे चावल (brown rice)

    यह चावल साफ चावल की श्रेणी में आता है इसका ऊपरी छिलका हटाया जाता है इसमें पोषक तत्वों की मात्रा सफेद चावल से ज्यादा होती है

    लाल और काले चावल (red & black rice)

    यह चावल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं लाल चावल में आयरन की मात्रा ज्यादा होती है और काले चावल में anthocyanin होते है जो इन्हें काला रंग प्रदान करते हैं

    चावल खाने के नुकसान और फायदे

    चावल खाने के नुकसान और फायदे

    चावल के फायदे (benefits of rice)

    चावल सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं बल्कि अच्छी सेहत के लिए भी खाएं जाते हैं

    1. जल्द एनर्जी (instant energy)

    चावल कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है और चावल खाने के बाद कार्ब्स ग्लूकोज में बदल जाते हैं जिससे हमारी बॉडी को एनर्जी मिलती है खासकर हार्ड वर्क करने वाले लोगों का चावल जरूर खाना चाहिए

    2. ग्लूटिन (gluten)

    आज के समय बहुत से लोगों को ग्लूटीन एंटोरेंस या सेलिक रोग की समस्या होती है जिससे गेहूं के मुकाबले चावल ज्यादा ग्लूटेन फ्री होते हैं इसलिए जिन लोगों को ग्लूटेन की समस्या उन्हें चावल खाना चाहिए

    3. पाचन तंत्र (Digestive system)

    सफेद चावल में फाइबर कम होता है इसलिए यह पचने में आसान होते हैं जब आप बीमार होते हैं तो चावल की खिचड़ी बनाकर खाना सबसे अच्छा माना जाता है इससे पेट हल्का होता है और दस्त लगने पर चावल खाना अच्छा रहता है

    4. स्किन व बाल (skin & hair)

    ब्राउन राइस और रेड राइस में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो विटामिन बी कॉम्प्लेक्स होता है जिससे स्किन ग्लो करती है और बाल मजबूत बनते हैं

    5. वजन बढ़ाना (weight gain)

    अगर आप पतले और अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं तो चावल खाना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि इसमें की कैलरी की मात्रा अधिक होती है जो वजन बढ़ाने में फायदेमंद है

    चावल खाने के नुकसान और फायदे

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    6. पोषक तत्व (essential nutrients)

    चावल में कार्बोहाइड्रेट के अलावा कई पोषक तत्व पाए जाते हैं
    मैग्नीशियम – यह हमारे मेटाबॉलिज्म को फास्ट करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है
    सेलेनियम- प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाता है
    विटामिन बी – चावल में विटामिन नायसिन , थायमिन ,पेल्विक एसिड पाए जाते हैं जो एनर्जी को बढ़ाते हैं और नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी होते हैं

    7. ब्राउन राइस (brown rice)

    ब्राऊन राइस दिल और डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं ब्राउन राइस में फाइबर की अधिक मात्रा होती है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है हृदय को स्वस्थ रखता है इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स सफेद चावल से कम होता है जिससे ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाने से रोकता है

    चावल खाने के नुकसान (side effects of rice)

    अगर चावल को ज्यादा मात्रा में और गलत तरीके से खाया जाए तो इसके नुकसान भी हो सकते हैं

    चावल खाने के नुकसान और फायदे

    1. अधिक कैलरी (high calories)

    सफेद चावल में कैलरी की मात्रा ज्यादा होती है अगर आप चावल ज्यादा मात्रा में खाते हैं तो चावल खाने से आपका वजन भी बढ़ सकता है सफेद चावल में फाइबर की मात्रा कम होती है जिससे भूख अधिक लगती है

    2. टाइप टू डायबिटीज (high GI )

    सफेद चावल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक मात्रा में होता है जिससे ब्लड शुगर लेवल जल्दी बढ़ता है डायबिटीज रोगी अगर रोज सफेद चावल खाता हैं तो टाइप टू डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है

    3. हृदय रोग और केंसर (heart’ & Cancer)

    चावल के पौधों में arsenic नामक जहरीला तत्व पाया जाता है जो मिट्टी ओर पानी में शोषित होता है पर कई जगह पर इसका स्तर ज्यादा होता है वहां लंबे समय तक arsenic चावल खाने से हृदय रोग व कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है

    4. कम पोषक तत्व (nutrient less)

    सफेद चावल में पोषक तत्व कम मात्रा में होते हैं क्योंकि चावल पॉलिश करने के बाद 75% पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और अगर आप सिर्फ सफेद चावल खाते हैं तो आपके शरीर में पोषक तत्व की कमी हो सकती है

    चावल खाने के महत्वपूर्ण टिप्स

    • अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो ब्राउन राइस खाएं क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है
    • चावल को ठंडा करके खाएं क्योंकि चावल को ठंडा करने से रेस्टेंट स्टार्च बन जाता है जो चावल पचने में मदद करता है
    • डायबिटीज मरीजों को सफेद चावल नहीं खाने चाहिए आप ब्राउन ,रेड ,ब्लैक राइस खा सकते हैं
    • चावल को हमेशा धो कर पकाए इससे arsenic की मात्रा कम हो जाती है और चावल को ज्यादा पानी में पकाए
    • चावल हमेशा प्रोटीन फूड के साथ खाएं जैसे राजमा छोले ,मछली, चिकन इससे प्रोटीन मिलता है और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है
    • चावल भोजन की शुरुआत में खाना चाहिए बाद में ना खाएं
    निष्कर्ष (conclusion)

    तो आपको पता चल ही गया होगा कि चावल खाने के नुकसान और फायदे दोनों है चावल एक आसानी से मिलने वाला सस्ता और एनर्जी वाला फूड है सफेद चावल जल्दी पचते है और एनर्जी देते हैं वहीं ब्राउन राइस में फाइबर एंटीऑक्सीडेंट की अधिक मात्रा होती है और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है कोई भी चीज वह अधिक खाने से उसके नुकसान ही होते हैं अच्छा खाना खाएं और कम खाएं इससे आपका स्वास्थ्य सही रहेगा भारत में चावल लोगों का प्रमुख आहार है इसे पूजा में भी उपयोग किया जाता है और त्योहार पर चावल से बने पकवान बनते हैं

  • गर्भावस्था के बाद पेट की चर्बी कम करने के उपाय | Delivery ke baad pet kaise kam kare

    गर्भावस्था के समय महिला के जीवन में एक खूबसूरत दौर आता है एक नए मेहमान आने की खुशी सारी तकलीफ बुला देती है

    लेकिन इसके साथ ही आते हैं शरीर में कुछ शारीरिक बदलाव जिसमें एक मुख्य समस्याएं मोटापा गर्भावस्था के बाद महिला का पेट बाहर निकल आता है और हर महिला सोचती है कि पेट कैसे कम करें (Delivery ke baad pet kaise kam kare) यह एक बहुत ही आम समस्या है और थोड़ी सी मेहनत के साथ इस कम किया जा सकता है और वापिस उसी शेप में ला सकते है इस लेख में दिए उपाय,डाइट प्लान, एक्सरसाइज के तरीकों को अपनाकर अपना पेट कम कर सकते हैं

    प्रेगनेंसी के बाद पेट क्यों बढ़ता है

    • प्रेगनेंसी के समय गर्भाशय (uterus ) बच्चे को accomodate करने के लिए अपने साइज से 100 गुना बड़ा हो जाता है और प्रेगनेंसी के बाद वापिस नॉर्मल होने में समय लगता है
    • बच्चे के बढ़ते साइज के साथ पेट की मांसपेशियां भी स्ट्रेच होने लगती है और कई बार इन मांसपेशियों के बीच गैप बन जाता है
    • गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव होते हैं जिस कारण शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है और खासकर पेट की चर्बी ज्यादा बढ़ती है
    • गर्भावस्था की समय शरीर में पानी जमा हो जाता है और जो डिलीवरी के बाद धीरे-धीरे कम होता है
    • गर्भावस्था के समय बच्चे के पोषण के लिए बॉडी में एक्स्ट्रा फैट जमा हो जाती है

    गर्भावस्था के बाद पेट की चर्बी कम करने के उपाय (Delivery ke baad pet kaise kam kare)

    गर्भावस्था के बाद पेट की चर्बी कम करने के उपाय | Delivery ke baad pet kaise kam kare

    1. शुरू से शुरुआत करें (start from beginning)

    हर महिला को समझना चाहिए कि आपका शरीर 9 महीने के बाद बड़े बदलाव से गुजर रहा है और इसे वापस पुराने जैसा होने में समय लगेगा और हर महिला का शरीर अलग-अलग होता है रिकवरी का समय भी अलग होता है शरीर को समय दे जल्दी पेट कम करने के चक्कर में कोई गलती न करें जिसका बाद में पछतावा हो शुरुआत धीरे-धीरे करें और डॉक्टर की अनुमति पर ही कोई गतिविधि शुरू करें अगर आपकी सी सेक्शन डिलीवरी हुई है तो डॉक्टर से जरूर सलाह हैं

    2. ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding )

    ब्रेस्टफीडिंग बच्चे के साथ-साथ आपके लिए भी बहुत फायदेमंद होती है इससे डिलीवरी के बाद वजन कम करने में मदद मिलती है ब्रेस्टफीडिंग करते समय आपकी बॉडी अतिरिक्त कैलरी खर्च करती है इस शरीर में जमीन चर्बी कम होती है ब्रेस्टफीडिंग मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है

    3. आहार (Diet)

    डिलीवरी के बाद वजन कम करने के लिए डाइट का बहुत योगदान होता है आप जो भी खाते पीते हो उसका शरीर में असर पड़ता है और खासकर डिलीवरी के बाद आपको एक पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए जिससे रिकवरी में मदद मिले

    प्रोटीन फूड- आपकी डाइट में प्रोटीन की अधिक मात्रा होनी चाहिए प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को रिपेयर करने का काम करता है और भूख कम लगती है जिससे आप ज्यादा खाना खाने से बचते हैं प्रोटीन के लिए आप दाल, पनीर, अंडे , चिकन, मछली ,ड्राई फ्रूट खा सकते हैं

    फाइबर– फाइबर आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और दस्त ओर कब्ज से बचाता है डिलीवरी के बाद कब्ज होना नॉर्मल होता है
    फाइबर के लिए गेहूं , ज्वार ,ओट्स ,दलिया आदि खाएं

    हेल्थी फैट – आप अपनी डाइट में हेल्थी फैट को शामिल करें इसके लिए आप बादाम,अखरोट अलसी बीज, देसी घी को डाइट में जरूर खाएं

    पानी – शरीर में कभी भी पानी की कमी न होने दे डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी पीना बहुत फायदेमंद माना जाता है इससे शरीर में मौजूद सारे टॉक्सिंस पदार्थ बाहर निकलते हैं दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पिए जिससे शरीर हाइड्रेट रहे

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    4. इन चीजों से परहेज करें (Avoid these things)

    मीठा – डिलीवरी के बाद मीठा बिल्कुल बंद कर दें इससे वजन और ज्यादा बढ़ेगा जैसे कोल्ड ड्रिंक,मिठाइयां , पैकेट ज्यूस आदि

    प्रोसैस्ड फूड – बाजार की बनी चीजे न खाएं तो अच्छा है इसमें अधिक मात्रा में वसा होती है जो वजन बढ़ाती है

    तली हुई चीज- तेल में तली हुई चीजें खाना बिल्कुल बंद कर दें यह आपके और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक है

    5. व्यायाम (Exercise)
    गर्भावस्था के बाद पेट की चर्बी कम करने के उपाय | Delivery ke baad pet kaise kam kare

    अच्छी डाइट लेने के साथ-साथ एक्सरसाइज करना भी बहुत जरूरी है लेकिन शुरुआत धीरे-धीरे करें
    अगर आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो आप हल्की एक्सरसाइज शुरू कर सकते हैं
    वॉक करना सबसे शुरुआती एक्सरसाइज है रोज 15- 20 मिनट वॉक जरूर करें
    एक हफ्ते बाद कीगल एक्सरसाइज करना शुरू कर दें इससे आपको पेल्विक मसल मजबूत होते हैं जो प्रेगनेंसी के समय कमजोर हो जाते हैं
    पेट की हल्की एक्सरसाइज करना शुरू कर दें पेल्विक टिल्ट, ब्रिज पोज करें

    6. C-section डिलीवरी के बाद

    अगर आप की C-section डिलीवरी हुई है तो आपको ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है आपको 6 से 7 हफ्ते तक भारी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए कुछ भी करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें वॉक , गहरी सांसे लें जैसी कुछ हल्की एक्टिविटी करें
    अन्य एक्सरसाइज
    Plank, crunches,yoga, cycling etc.

    7. पेट बांध (Belly binding)

    पेट पर कपड़ा बांधना यह बहुत प्रचलित और पुरानी तकनीक है जिसे डिलीवरी के बाद पेट को सपोर्ट करने और वापस शेप में लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसे करने से पेट की मांसपेशियों को सहारा मिलता है और जल्दी रिकवरी होती है

    गर्भावस्था के बाद पेट की चर्बी कम करने के उपाय | Delivery ke baad pet kaise kam kare

    कैसे करें-
    एक लंबा सूती का कपड़ा ले ( दुपट्टा ) कपड़े को पेट पर न ज्यादा टाइट और न ज्यादा ढीला बांधे आपको कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए इससे आपको आराम महसूस होना चाहिए बैली बाइंडिंग के साथ-साथ डाइट और एक्सरसाइज पर भी ध्यान दें इससे आपका वजन जल्दी कम होगा

    कुछ महत्वपूर्ण टिप्स :

    • मां के लिए जरूरी होता है कि वह 6-7 घंटे की नींद अवश्य ले नींद की कमी से कोर्टीसोल हार्मोन बढ़ता है जो वजन बढ़ाने का कारण बनता है
    • एक महिला जो अभी-अभी मां बनी है उसे तनाव व चिंता नहीं करनी चाहिए खुश रहे और अपने पसंदीदा काम करें योगा ,म्यूजिक आदि
    • डॉक्टर से पूछे बिना कुछ भी एक्सरसाइज ना करें
    • डाइटिंग करने से बचे इससे दूध कम बनेगा दिन में हल्दी खाना जरूर खाएं
    • रोज सुबह 10-15 मिनट वॉक करें
  • घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज | Exercise for knee pain

    आज के समय हर दूसरा व्यक्ति घुटनों के दर्द से परेशान है और यह एक आम समस्या बनती जा रही है इससे बचने के लिए आप घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज कर सकते हैं
    आज चाहे युवा हो या बूढ़ा हर किसी के घुटनों में दर्द होना नॉर्मल है चाहे सीढ़ी चढ़ते समय, दौड़ते समय ,भारी समान उठाते हुए ,चलने पर भी घुटनों में दर्द होता है और यह हर उम्र के लोगों में हो रहा है

    इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे बदलती जीवन शैली लोगों के जीवन में एक्टिविटी की कमी है गलत खान- पान आदि लेकिन घुटनों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटना और महंगी दवाई लेने की कोई जरूरत नहीं है आप रोज एक्सरसाइज करके भी घुटनों के दर्द से निजात पा सकते हैं

    घुटनों में दर्द होने के क्या कारण है

    • घटिया ( arthrites ) होना यह घुटनों के दर्द के लिए आम कारण है इसमें जोड़ों के बीच एक गद्दी (cartilage ) होती है जो घिस जाती है जिस वजह से हड्डियां आपस में टकराने से दर्द होता है
    • घुटने पर किसी कारण चोट लगने की वजह से या कई बार लीगामेंट फट जाता है जिस वजह से घुटनों में दर्द होने लगता है
    • ज्यादा भारी समान उठाना आज के समय युवा जिम हेवी वेट लिफ्टिंग करते है जिससे घुटनों में अधिक दबाव पड़ता है
    • मोटापा घुटनों के दर्द का मुख्य कारण हो सकता है क्योंकि अधिक वजन होने से घुटनों पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है जिसका हड्डियों का घिसना और घुटने कमजोर होने लगते हैं
    • गलत तरीके से चलना ,उठाना, बैठने से घुटनों में दर्द हो सकता है
    • कई बार मांसपेशियों का कमजोर होना जिससे घुटनों को पूरा सपोट नहीं मिलता है
    घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज | Exercise for knee pain

    घुटनों की एक्सरसाइज करने के क्या फायदे

    1. मांसपेशियां मजबूत (strengthens muscles)

    रोज एक्सरसाइज करने से घुटनों के पास की मांसपेशियां, जांघ की मांसपेशियां और हैमस्ट्रिंग के मसल मजबूत होते हैं जिस कारण घुटने ज्यादा वजन उठाने में दर्द नहीं करते हैं

    2. लचीलापन (flexibility)

    स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से घुटनों के जोड़ों की फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है और मूवमेंट बेहतर होती है घुटनों की जकड़न कम होती है

    3. खून संचार बेहतर (blood circulation)

    रोज घुटनों की एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और घुटने मजबूत बनते हैं घुटने से चर्बी कम होती है

    4. वजन नियंत्रण (weight control)

    रेग्युलर एक्सरसाइज करने से वजन नहीं बढ़ता है जिससे घुटने स्वस्थ रहते हैं ज्यादा मोटापा होने पर घुटनों पर अधिक दबाव पड़ता है जिससे घुटने दर्द करने लगते हैं

    5. सकारात्मक (Boost mood)

    एक्सरसाइज करने से इंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जिससे अच्छा महसूस होता है और दर्द सहन करने की क्षमता बढ़ाता है और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है

    घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज (exercise for knee pain)

    घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज | Exercise for knee pain

    एक्सरसाइज के क्या फायदे हैं यह आप जान हीं चुके हैं आइए अब घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज के बारे में जाने इसमें आप तीन प्रकार से एक्सरसाइज करें स्ट्रेचिंग ,स्ट्रैंथ एक्सरसाइज और योग इन सबके अपने-अपने फायदे हैं

    1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Stretching )

    रोज स्ट्रेचिंग करने से घुटनों की जकड़न दूर होती है और दर्द में आराम मिलता है स्ट्रेचिंग हमेशा धीरे-धीरे करें खासकर जिम या एक्सरसाइज के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें

    हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच-


    जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं
    एक पैर सीधा रखें और दूसरा पैर मोड ले
    अब सीधे पैर को ऊपर उठाएं जितना उठा सकते हो और 10 सेकंड तक रुके फिर नीचे लाए
    अब दूसरे पैर से यही प्रक्रिया करें ऐसे दोनों पैरों से 10 बार करें

    Quadriceps stretch –

    कुर्सी या दीवार का साहार लेकर खड़े हो जाए
    एक हाथ से उसी पैर के पंजे को पड़कर हिप्स तक लाए ओर पांच सेकेंड तक रुके
    यह प्रक्रिया दूसरे हाथ व पैर से करें ऐसा 10- 12 बार करें

    Calf stretch –

    दीवार के सामने खड़े हो जाएं और अपने हाथ दिवार पर रखें
    एक पैर आगे रखे और थोड़ा सा घुटनों से मोड़ ले दूसरा पपैर सीधा रखें
    धीरे-धीरे आगे की ओर झुके जब तक पिछले पैर की पीडली खिंचाव महसूस न हो
    एक पैर से 20 सेकंड तक करें और फिर पैर बदल लें

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    2. स्ट्रैंथ एक्सरसाइज (strength )

    यह एक्सरसाइज करने से घुटनों के पास की मांसपेशियां जो घुटनों को सहारा देती है मजबूत होती है हफ्ते में तीन-चार बार करनी चाहिए शुरुआत में कम करें फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं

    Straight leg raise-

    पीठ के बल लेट जाएं एक घुटना मोडे और पंजा जमीन पर रखें दूसरा पर सीधा रखें
    सीधे पैर को ऊपर लाए दूसरे पैर के घुटने तक कुछ सेकेंड तक रखें
    हर पैर से 10- 15 बार करें

    Wall sit –

    अपने पीठ दीवार सारे लगाकर खड़े हो जाएं
    अपने पैर दीवार से थोड़ा आगे रखें और धीरे-धीरे पीठ दीवार पर नीचे की तरफ स्लाइड करें जब तक आप कुर्सी की पोजीशन में न आ जाए
    अब इस पोजीशन में 10- 15 सेकंड तक रुके और ऐसा 10- 12 बार करें

    Step – ups

    सीढ़ी के सामने खड़े हो जाएं एक पैर सीढ़ी पर रखें फिर दूसरा पैर
    यह क्रिया स्पीड में करें 10- 15 बार करें
    हर बार अलग पैर से करें

    Heel raises

    दीवार के सारे खड़े हो जाएं और अपनी एडी को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं
    पंजे जमीन पर ही होने चाहिए और पिंडली में खिंचाव महसूस होना चाहिए
    कुछ सेकेंड तक रुके धीरे-धीरे नीचे आए ऐसा 15 20 बार करें

    3. योग (Yoga )

    घुटनों के दर्द के लिए एक्सरसाइज | Exercise for knee pain

    योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है योग सुबह 10- 15 मिनट रोज करें और घुटनों के कुछ विशेष योगासन है

    ताड़ासन (mountain pose)-

    इसे करने से बॉडी पोस्चर बेहतर होता है और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है

    वीरभद्रसान (Warrior pose)-

    इससे हिप्स और जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती है और घुटनों को सपोर् मिलता है

    सेतु बंधासान (Bridge pose)-

    इससे घुटने व हैमस्ट्रिंग मजबूत बनते हैं घुटनों पर से दबाव कम होता है

    त्रिकोणीयसान (Triangle pose)-

    मांसपेशियों का दर्द कम होता है और शरीर में लचीलापन आता है

    एक्सरसाइज करते समय कुछ सावधानियां

    • अगर एक्सरसाइज करते समय दर्द हो रहा है तो वह एक्सरसाइज न करें
    • अभी एक्सरसाइज करना शुरू किया है तो धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाए
    • एक्सरसाइज करते समय हमेशा स्पोर्ट्स शूज पहने
    • अगर आपके घुटनों में ज्यादा ही दर्द है तो हाई इंटेंस एक्सरसाइज ना करें
    • एक्सरसाइज के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें
  • सुबह दौड़ने के नुकसान ? (subah daudane ke nuksan in hindi)

    सुबह जल्दी उठना चाहिए और वॉक ,एक्सरसाइज या दौड़ना चाहिए यह हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं क्या आपको पता है सुबह दौड़ने के नुकसान भी हो सकते हैं
    सोशल मीडिया अख़बार और मैगजीन में आपको सुबह की सूर्य की किरणों के साथ दौड़ते हुए एथलीट की फोटो दिख जाएगी और इन सबसे आप भी मोटिवेट होकर सुबह रनिंग करने का मन बना लेते हैं पर आपको बता दें कि हर चीज की दो पहलू होते हैं सुबह दौड़ने के अनेकों फायदे होते हैं और वही सुबह दौड़ने के नुकसान भी होते हैं आज हमें इस लेख में जानेंगे कि सुबह दौड़ना हर किसी के लिए क्यों फायदेमंद नहीं हो सकता है

    सुबह दौड़ने के नुकसान (subah daudane ke nuksan in hindi)

    1. शरीर में अकड़न (stiffness)

    रात भर सोने के बाद जब हम उठते हैं तो हमारे मसल ,जोड़ थोड़े सख्त या अकड़े हुए होते हैं जिस कारण बिना सही ढंग से वॉर्म अप हुए दौड़ना नुकसानदायक हो सकता हैं मसल में खिंचाव आ सकता है और कई बार लिगामेंट स्प्रेन हो सकते हैं

    2. खाली पेट दौड़ना (empty stomach)

    सुबह दौड़ने के नुकसान

    ज्यादातर लोग सुबह खाली पेट दौड़ते हैं वह सोचते हैं इससे वजन जल्दी कम होगा लेकिन इसी कारण इससे कई नुकसान भी हो सकते हैं रात भर कुछ न खान की वजह से हमारा ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है जिस कारण की खाली पेट दौड़ने से चक्कर आना कमजोरी महसूस होना आदि समस्या हो सकती है

    3. परफॉर्मेंस में कमी (low performance)

    आप एक एथलीट और अपनी रनिंग बेहतर करना चाहते हो तो सुबह दौड़ना आपके लिए अच्छा नहीं है क्योंकी इस समय हमारे मसल खुले हुए नहीं होते एथलीट जो अच्छा रनर बनना चाहता है उसे शाम के समय दौड़ना ज्यादा सही रहता है सुबह के वक्त हमारा शरीर तापमान कम होता है

    4. नींद की कमी (lack of sleep )

    एक अच्छी नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है और सुबह जल्दी दौड़ने के लिए लोग कम सो पाते हैं अगर आप देर रात तक जागते हैं और सुबह 5:00 बजे उठ कर रनिंग करते हैं यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि अच्छी सेहत के लिए सात- आठ घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है अगर आप इससे कम सोते हैं तो आपके रिकवरी पर असर पड़ता हैं और इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है

    5. हार्मोन अनियंत्रित (hormone unbalanced)

    कॉर्टिसोल हार्मोन सुबह के समय ज्यादा रिलीज होता है आपको उठने में आसानी हो सके और आप सुबह के समय खाली पेट एक्सरसाइज करते हैं तो शरीर तनाव में आने लगता है और कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ना ,मूड स्विंग, टेंशन, चर्बी बढ़ाना आदि समस्या हो सकती है

    6. डिहाइड्रेशन (dehydration)

    सुबह दौड़ने के नुकसान ? (subah daudane ke nuksan in hindi)

    जब हम पूरी रात सोते हैं तो हमारा शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और कम पानी पीकर सुबह दौड़ना इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है जिस कारण थकावट ,गर्मी में हीट स्ट्रोक आ सकता है

    7. हृदय विकार (heart problem)

    जब आपका शरीर आराम की स्थिति में हो और आप अचानक से हाई एक्टिविटी करते हो तो दिल पर दबाव पड़ता है जिस कारण अचानक से बदलाव आना हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता इससे बचने के लिए वार्म अप जरूर करें और हृदय रोगियों को कम ही दोड़ना चाहिए

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    8. एलर्जी और प्रदूषण (Allergy, polution)

    कुछ शहरों में सुबह की समय खास कर सर्दियों में प्रदूषण में समूह का स्तर बढ़ जाता है और इस स्थिति में बाहर दौड़ने से सांस लेने में समस्या फेफड़ों में धुएं का जमना नुकसानदायक हो सकता है और कुछ लोगों को परागणों से एलर्जी होती है जिससे दौड़ते समय छींक आना सांस लेने में दिक्कत हो सकती है

    9. प्रतिरक्षा तंत्र (immune system)

    सुबह के समय ज्यादा रनिंग करने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और सर्दियों में रनिंग करने से जुकाम बुखार हो सकते हैं

    10. नियमित बनाए रखना (constantly )

    रोज सुबह उठकर दौड़ना एक-दो दिन आसान लगता है पर इसे लंबे समय तक जारी रख पाना मुश्किल होता है कई बार ठंड ज्यादा होना या उठने का मन नहीं करना

    सुबह दौड़ने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

    • दौड़ने से 10- 15 मिनट पहले वार्म अप जरूर करें क्योंकि वार्म अप करने से बॉडी गर्म हो जाती है जिससे इंजरी का खतरा कम रहता है
    • खाली पेट न दौड़े दौड़ने से 30 40 मिनट पहले कुछ हल्का खा लें जैसे एक कला ,भीगे हुए बादाम
    • सुबह उठने के बाद एक- दो गिलास पानी जरूर पिए हैं जिससे आपका शरीर हाइड्रेट रहे
    • सुबह जल्दी दौड़ने के चक्कर में नींद से समझौता न करें रोज 7- 8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है
    • दौड़ने के बाद बॉडी को रिलैक्स करने के लिए स्ट्रेचिंग जरूर करें इससे मसल की रिकवरी जल्दी होती है थकान कम महसूस होती है

    किन लोगों को सुबह दौड़ना नहीं चाहिए

    सुबह दौड़ने के नुकसान ? (subah daudane ke nuksan in hindi)

    • हृदय रोगियों को सुबह दौड़ने से बचना चाहिए
    • अस्थमा के मरीजों को सुबह नहीं दोड़ना चाहिए
    • जब किसी को हड्डियों और जोड़ों में दर्द रहता हो
    • जिनको लो बीपी की समस्या हो
    • डायबिटीज के मरीजों को सुबह खाली पेट नहीं दौड़ना चाहिए

    सुबह एक्टिविटी के अन्य विकल्प

    अगर आप सुबह किसी वजह से रनिंग नहीं कर पा रहे हैं तो आप कुछ अन्य विकल्प भी आजमा सकते हैं
    जैसे- शाम के समय रनिंग करना ,साइकलिंग, स्विमिंग, योग, ट्रेडमिल रनिंग आदि इन सबके अपने अलग-अलग फायदे होते हैं

    निष्कर्ष (conclusion)

    सुबह दौड़ने के नुकसान हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं यह आपकी हेल्थ पर निर्भर करता है और आप इस लेख में दिए गए सुझावों को अपनाकर सुबह रनिंग करते हैं तो इसके कई फायदे हो सकते हैं इस लेख का उद्देश्य आपको दौड़ने के खिलाफ करने का नहीं है बस आपको कुछ बातों का जानना बहुत जरूरी होता है जिससे आपको पूरा ज्ञान मिल सके और आप जान सके सुबह दौड़ने के नुकसान कैसे हो सकते हैं और इससे कैसे बचें

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. क्या सबके लिए सुबह दौड़ना नुकसानदायक है ?

    नहीं लेकिन सबके लिए फायदेमंद भी नहीं है यह हर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है

    2. क्या खाली पेट सुबह दौड़ना चाहिए ?

    नहीं खाली पेट दौड़ने से शरीर में कमजोरी आना, लो बीपी , चक्कर आना जैसी कई समस्या हो सकती है

    3. क्या सुबह दौड़ने से वजन कम होता है ?

    हां अगर आप रोज सुबह सही तरीके से दौड़ते हैं और अपनी डाइट फॉलो करते हैं तो वजन कम हो सकता है

  • कमर दर्द को दूर करेंगे ये 3 योगासन | Back pain ke liye yoga

    कमर दर्द आज के समय हर किसी के लिए एक कॉमन समस्या है आज के समय हर उम्र के लोगों में कमर दर्द होता हैचाहे बच्चे हो या बड़े कमर दर्द को कम करने के लिए योग बहुत फायदेमंद होता है (Back pain ke liye yoga)

    आज के समय कमर दर्द का मुख्य कारण हमारा लाइफस्टाइल जिसमें हम एक जगह घंटों बैठकर काम करते रहते हैं चाहे वो ऑफिस ,स्कूल, लाइब्रेरी आदि जिस वजह से हमारी कमर में दर्द होने लगता है और अगर एक बार कमर में दर्द होने लग जाएं तो बहुत मुश्किल से छूटता है दवाइयां लेने से कुछ देर आराम मिल सकता है लेकिन फिर दोबारा दर्द होने लगता है अगर आप कमर दर्द से निजात पाना चाहते हैं तो योग सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है योग एक वरदान है जो हम भारतीयों को विरासत में मिला है

    कमर दर्द क्यों होता है (Back pain ke liye yoga)

    गलत पाश्चर (posture)

    लंबे समय तक झुक कर बैठना या खड़े रहना इससे हमारे रीड की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे कमर में दर्द होने लगता है

    सुस्त जीवन शैली (Lake of activity)

    अगर आपके जीवन में फिजिकल एक्टिविटी की कमी है तो इससे मसल कमजोर होने लगते हैं और हल्के झटके लगने पर ही कमर दर्द करने लगती है

    भारी वजन उठाना (weight lifting)

    कभी-कभी हम क्षमता से ज्यादा वजन उठा लेते हैं जिससे मसल में चोट लग जाती है

    बढ़ती उम्र (old age)

    उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी रीड की हड्डी कमजोर होने लगती है और डिस्क घिसने लगती है

    मेडिकल समस्या (medical condition)

    कभी-कभी मेडिकल स्थिति में स्लिप डिस्क , अर्थराइटिस या कोई बीमारी की वजह से कमर दर्द करना

    कमर दर्द में योग का महत्व (Back pain ke liye yoga)

    कमर दर्द को दूर करेंगे ये 3 योगासन | Back pain ke liye yoga

    • योगा करने से मसल मजबूत बनते हैं योग हमारे कोर मसल को टारगेट करता है कोर मजबूत होने से हमारी स्पाइन को स्पोर्ट मिलता है
    • रोज योगा करने से ले लचीलापन बढ़ता है योग बैक मसल को धीरे-धीरे स्ट्रेस करने में मदद करता है जिससे कमर में अकड़न नहीं आती है
    • योगा करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और खून शरीर में तेजी से संचार करता है जिससे बैक मसल तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व जल्दी पहुंचते हैं
    • शरीर का पॉश्चर सही होता है रोज योग करने हमारा शरीर सही आकार में रहता है जिससे कमर दर्द में आराम मिलता है
    • योग करने से शरीर में सकारात्मक आती है और स्ट्रेस कम होता है दिमाग शांत रहता है और काम करने में एकाग्रता बढ़ती है

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    कमर दर्द के लिए योगासन (Back pain ke liye yoga)

    1. मर्जीसान (cat cow pose)

    • एक मेट बिछाए उस पर डॉगी पोजिशन में खड़े हो जाएं
    • आपके हाथ कंधे की सीध में होने चाहिए और घुटने हिप्स की सीध में हो
    • अब सांस लेते हुए कमर को नीचे की ओर झुकाए और सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं जैसे गुस्से में बिल्ली करती है
    • इस क्रिया को 10 से 15 बार करें

    2. बालासन (child pose)

    • इस आसन से पीठ की निकली मांसपेशियों को आराम मिलता है
    • वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर बढ़े
    • आपका पेट जांघों पर और माता जमीन को छूना चाहिए और हाथों को आगे की ओर सीधा रखें
    • इस अवस्था में 30 से 50 सेकंड तक रहे साथ में गहरी सांस लेते रहें

    3. भुजंगासन (cobra pose)

    • इसे करने में कमर के ऊपर का हिस्सा मजबूत होता है और स्पाइन लचीली होती है
    • पेट के बल लेट जाएं पैर सीधे रखें और हथेलियां कंधों के नीचे होने चाहिए
    • सांस लेते हुए छाती और सर को ऊपर उठाएं पेट ज़मीन पर ही रखें
    • जितना हो सके उतना ही ऊपर उठ कंधों को कानों से दूर रखें
    • 10- 15 सेकंड रुके ऐसा 10 12 बार करें
    कमर दर्द को दूर करेंगे ये 3 योगासन | Back pain ke liye yoga

    4. सेतुबंधासन (bridge pose)
    • इस आसन से पीठ का निचला हिस्सा और हेमस्ट्रिंग मजबूत होता है
    • पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़ ले
    • हाथों को शरीर के दोनों तरफ सीधा रखें
    • सांस लेते हुए हिप्स और पीठ को सीधा ऊपर उठाएं और आपका शरीर कंधों से घुटनों तक सीधा एक लाइन में हो
    • 20 से 30 सेकंड तक ऐसा करें सांस छोड़ते हुए नीचे आए

    5. अधोमुख श्वसन (down ward facing dog)

    इससे पूरे शरीर की मांसपेशियां स्ट्रेच होती है
    टेबल पोजीशन में शरीर को लाए (डॉगी पोजिशन)
    सांस छोड़ते हुए घुटनों को जमीन से ऊपर उठाएं और हिप्स को ऊपर ले कर जाएं
    शरीर को v के आकार में लाए
    आपका सर हाथों के बीच में रहना चाहिए
    यह आसन 10 से 12 बार करें

    6. ताड़ासन (mountain pose)

    • इससे शरीर का पोस्चर बेहतर होता है
    • हाथों को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें एडी को ऊपर उठाएं
    • सीधा खड़े हो जाए और पर एक समान रखें

    प्राणायाम (Breathing techniques)

    कमर दर्द को दूर करेंगे ये 3 योगासन | Back pain ke liye yoga

    अनुलोम विलोम-
    यह प्राणायाम के नर्वस सिस्टम को शांत करता है स्ट्रेस कम करने में मददगार

    कैसे करें –
    साधना की अवस्था में बैठ जाएं अब दाईं नाक अगूंठे से बंद करें और बाएं नाक से सांस ले अब बाएं नाक को बंद करें और दाईं नाक से सांस छोड़ें यह क्रिया दोहराते रहे

    ब्राह्मणी प्राणायाम –
    इससे स्ट्रेस व तनाव कम होता है

    कैसे करें-
    साधना की अवस्था में बैठ जाएं अब अपनी आंखों और कानों को उंगलियों की मदद से बंद करें अब गहरी सांस लें और सांस को छोड़ते हुए भवरे (मम्म ) की तरह आवाज निकाले याद रखें मुंह बंद होना चाहिए और दांत आपस में मिले ना हो पूरे शरीर में कंपन महसूस होनी चाहिए इस 5 से 8 बार दोहराएं

    योग करते समय कुछ सावधानियां

    • अगर आपका कमर दर्द थोड़ा ज्यादा है तो डॉक्टर की अनुमति पर ही योगदान करें
    • अगर कोई भी आसान करते समय दर्द बढ़ रहा है तो वह योगासन ने करें शरीर के साथ जबरदस्ती न करें
    • आसान करने में दिक्कत आ रही है तो आप तकिए ,कंबल आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं
    • शुरुआत में 10 मिनट करें फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाए
    महत्वपूर्ण टिप्स –
    • लंबे समय तक एक ही अवस्था में न बैठे इससे कमर के मसल कमजोर होने लगते हैं
    • अगर आप काम बैठकर करते हैं तो आप एरोग्नोमिक कुर्सी का उपयोग करें
    • रोज सुबह वॉक और 10 मिनट हल्की एक्सरसाइज करें साइकलिंग करना सबसे अच्छा रहता है
    • अच्छी डाइट लेना बहुत जरूरी है जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी ना हो
    • तनाव व चिंता ना करें इससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है
    • रोज 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें कम नींद से हमारा शरीर सुस्त रहता है
  • मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान (10 benefits of moong dal)

    मूंग दाल को अंग्रेजी में Green gram भी कहते हैं और भारतीय खाने में यह बहुत इस्तेमाल की जाती है मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं


    भारत में ज्यादातर लोग शाकाहारी है इसमें उनके प्रोटीन का मुख्य स्रोत दाल ,सब्जी, ड्राई फ्रूट आदि है और उनमें से मूंग दाल एक अच्छा प्रोटीन स्त्रोत होता है आज के समय हर कोई फिट रहना चाहता है इसके लिए वह सब कुछ करता है जिम, डाइट सप्लीमेंट और बाजार में उपलब्ध दवाइयां का भी इस्तेमाल करता है जिसके कई प्रकार के साइड इफेक्ट भी होते हैं और फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है मूंग दाल को दाल, खिचड़ी या अंकुरित करके भी खा सकते हैं मूंग दाल बहुत जल्दी पच जाती है

    मूंग दाल में पोषक तत्वों की मात्रा

    मूंग दाल को पोषक तत्वों का पावर हाउस कहा जाता है मूंग दाल में फाइबर, विटामिन, खनिज तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं
    100 ग्राम मूंग दाल में

    प्रोटीन-

    मूंग दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और शाकाहारी लोगों के लिए एक वरदान है प्रोटीन नए मसल बनाने में मदद करता है 100 ग्राम मूंग दाल में 24 ग्राम प्रोटीन होता है

    फाइबर-

    फाइबर की अधिक मात्रा होने से मूंग दाल जल्दी पचती है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देती है 100 ग्राम मूंग दाल 16 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है

    कैलरी

    100 ग्राम मूंग दाल में 348 kcal होती है जो वजन बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है इससे शरीर में एनर्जी रहती है

    कार्बोहाइड्रेट

    मूंग दाल में 63 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है

    वसा-

    मूंग दाल में वसा बहुत ही कम होती है जिससे शरीर की चर्बी नहीं बढ़ती और यह हेल्दी फैट होती है मूंग दाल में 1.2 ग्राम वसा पाई जाती है

    विटामिन-

    मूंग दाल में विटामिन A ,B ,C,E पाए जाते हैं जो बॉडी की ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी होते हैं

    खनिज-

    मूंग दाल में आयरन, पोटेशियम ,कैल्शियम, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे खनिज तत्व होते हैं

    मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान

    मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान

    फायदे (benefits of moong dal)

    1. वजन घटाना (weight lose)

    अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो मूंग दाल खाना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है जिससे मूंग दाल खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती और अधिक खाने से बचा जा सकता है

    2. पाचन तंत्र मजबूत (good digestive system)

    मूंग दाल बहुत जल्दी पचती है मूंग दाल में Butyrate नामक फैटी एसिड होता है जो आंतों को सुरक्षित रखता है और मूंग दाल खाने से गैस, अपच जैसी समस्याओं से निजात मिलता है

    3. स्वस्थ हृदय (healthy heart)

    मूंग दाल में पोटेशियम और आयरन होने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है मूंग दाल में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो एलडीएल को कम करते हैं

    4. डायबिटीज नियंत्रण (sugar)

    मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है और फाइबर व प्रोटीन डायबिटीज को नियंत्रण में रखता है

    5. त्वचा और बाल (skin & hair)

    मूंग दाल सेहत के साथ सुंदरता को भी बढ़ाने में सहायक है मूंग दाल में मौजूद विटामिन व खनिज तत्व त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं इसमें मौजूद प्रोटीन बालों को झड़ने से रोकता है

    6. गर्भावस्था में फायदेमंद (pregnancy)

    गर्भावस्था के समय पोषक तत्व की अधिक आवश्यकता होती है जो मूंग दाल खाने से पूरी हो जाती है और गर्भावस्था के दौरान मूंग दाल खाने से एनीमिया से भी बचाव होता है

    7. बच्चों के विकास के लिए (child health)

    मूंग दाल एक एनर्जी बूस्टर का काम करता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है जो शरीर को एनर्जी प्रदान करता है यह बच्चों की शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत अच्छा होता है यह आसानी से पच जाता है

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    नुकसान (side effects)

    मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान

    1. हाई यूरिक एसिड (HUA)

    जिन लोगों का यूरिक एसिड बहुत बड़ा हुआ है उन्हें मूंग दाल कम खानी चाहिए क्योंकि मूंग दाल में मौजूद प्रोटीन यूरिक एसिड को और बढ़ा सकता है

    2. कम ब्लड प्रेशर और शुगर (low blood pressure & sugar)

    जिस किसी को भी लो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की समस्या है उन्हें मूंग दाल का सेवन कम करना है

    3. पथरी (kidney stone)

    मूंग दाल में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है इसलिए जिस किसी को भी पथरी की समस्या है वह डॉक्टर की सलाह पर ही मूंग दाल खाएं

    4. गैस की समस्या (bloating)

    कई लोगों में मूंग दाल खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है क्योंकि मूंग दाल में फाइबर ज्यादा होता है

    5. एलर्जी (allergy)

    कुछ लोगों को लैगुम्स से एलर्जी होती है उन्हें मूंग दाल खाने के बाद खुजली ,सूजन, सांस लेने में समस्या आती है इसलिए खाने से पहले डॉक्टर की अनुमति जरूर लें

    मूंग दाल कैसे खाएं
    मूंग दाल खाने के फायदे और नुकसान

    मूंग दाल का तड़का-
    सबसे ज्यादा मूंग दाल इसी तरह खाई जाती है इसे आप रोटी व चावल के साथ खा सकते हैं

    खिचड़ी-
    मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर खाना सबसे अच्छा रहता है यह जल्दी पचती हैं और बीमारी में बहुत फायदेमंद होती है

    मूंग दाल चीला-
    मूंग दाल का चिल्ला अक्सर नाश्ते के समय खाया जाता है यह काफी स्वादिष्ट और पोस्टिक होता है

    अंकुरित मूंग दाल-
    पानी में रात भर भिगोकर फिर एक दिन के लिए छोड़ दें इससे मूंग दाल अंकुरित हो जाती है जिससे इसमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है

    सूप और सलाद –
    मूंग दाल का सूप सर्दी- खांसी में पीने से आराम मिलता है शरीर में गर्मी को बढ़ाता है मूंग दाल को सलाद में भी खाना अच्छा रहता है

    निष्कर्ष

    मूंग दाल एक सुपर फूड की श्रेणी में आता है यह हमारे स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है मूंग दाल रोज खाने से हमें कई प्रकार की बीमारियों और रोगों से बच सकते हैं मूंग दाल के खाने के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं यह आपके स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है मूंग दाल को अपने शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही खाएं ज्यादा खाने से इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं और किसी भी प्रकार की बीमारी व रोग की स्थिति में मूंग दाल खाने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ ले

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-

    1. मूंग दाल कब नहीं खानी चाहिए ?

    मूंग दाल की स्थितियों में आपको नहीं खानी चाहिए जैसे गैस ,पेट फुलना ,यूरिक एसिड लेवल बढ़ने पर कम ब्लड प्रेशर ,एलर्जी आदि

    2. एक दिन में कितना मूंग खाना चाहिए ?

    एक दिन में कितना मूंग खाना चाहिए यह आपके शरीर और दिनचर्या पर निर्भर करता है कि आप सारा दिन करते क्या हैं आप दिन में कितनी फिजिकल एक्टिविटी करते हैं वैसे सामान्य तौर पर आप एक मुट्ठी अंकुरित मूंग दाल खा सकते हैं

    3. क्या मूंग दाल से वजन बढ़ता है ?

    नहीं मूंग दाल सीधे तौर पर वजन नहीं बढ़ता है यह वजन घटाने में फायदेमंद है लेकिन शरीर के मसल में बढ़ोतरी में सहायक है क्योंकि मूंग दाल में अधिक प्रोटीन फाइबर की मात्रा होती है यह अतिरिक्त चर्बी को घटता है और मोटापे को रोकता है

    4. मूंग दाल को पचने में कितना समय लगता है ?

    मूंग दाल कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होती है इसलिए पछने में थोड़ा समय लगता है आमतौर पर मूंग दाल को दो से तीन घंटे लगते हैं

  • Desi diet plan for weight loss in hindi

    मोटापा जो आज के समय एक बीमारी बन गया हैऔर तेजी से फैल रहा है औसतन हर दूसरा व्यक्ति मोटापे से परेशान है अपना मोटापा कम करना चाहता हैं (Desi diet plan for weight loss)

    आज के समय न जाने कितने ही आइडिया इंटरनेट पर भरे पड़े हैं जो वजन कम करने की सलाह या गारंटी देते हैं और कितने ही प्रकार की डाइट फॉलो करने को कहते हैं quick tips, fasting,keto diet,gm diet आदि इंटरनेट इन सबसे भरा पड़ा है हम सब ट्राई करेंगे पर अपने घर का खाना को भूल जाते हैं हमारी देशी डाइट वजन कम करने के लिए आपको महंगी डाइट या ड्राई फ्रूट की जरूरत नहीं पड़ेगी आप घर का खाना खाकर और अपने घर की देशी डाइट फॉलो करके वजन घटा सकते है

    देसी डाइट के क्या फायदे हैं

    • यह आसानी से घर पर उपलब्ध होती है और इसे हम बचपन से ही खाते आ रहे हैं इसलिए इसमें अलग से कुछ करने या सीखने की जरूरत नहीं है
    • यह हमारे बजट में होती है सब्जी दाल रोटी सब आसानी से मिल जाती है और सस्ती होती है इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते
    • हमारे देशी डाइट में पोषक तत्व की मात्रा भरपूर होती है और आयुर्वेद दवा की सारी सामग्री देशी डाइट में मिलती है जो वजन घटाने के साथ बीमारियों से भी बचाता है
    • हमारा देशी खाना पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है क्योंकि हम बचपन से ही यह खा रहे हैं जिससे हमारा पाचन तंत्र इसका आदी हो गया है
    • देशी डाइट में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जैसे – बाजार ज्वार ओट्स दाल आदि
    • देशी डाइट में नेचुरल मसाले होते हैं जीरा ,लौंग अदरक, हल्दी जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं
    • देशी डाइट को हमेशा के लिए जारी रखना आसान होता है

    वजन घटाने के नियम (Desi diet plan for weight loss)

    Desi diet plan for weight loss in hindi

    Desi diet plan for weight loss in hindi

    डाइट से ज्यादा जरूरी है कि कितना खा रहे हैं और क्या खा रहे हैं हमेशा पेट में थोड़ी जगह बचा कर रखें
    शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है रोज तीन-चार लीटर पानी पिए पानी हमारी बॉडी से टॉक्सिंस पदार्थ को बाहर निकलता है
    वजन घटाना चाहते हैं तो चीनी और नमक खाना बंद कर दे चीनी एक सफेद जहर होता है जिसमें हाई मात्रा में कैलरी होती है जो वजन ज्यादा बढ़ता है
    रात को खाना हल्का खाएं क्योंकि रात में हमारा मेटाबॉलिज्म स्लो काम करता है क्योंकि रात में एक्टिविटी कम करते हैं इसलिए कैलरी कम बर्न होती है
    फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करें सिर्फ अच्छी डाइट लेने से कुछ नहीं होता रोज 30 से 50 मिनट रोज एक्सरसाइज करें जैसे- साइकलिंग, योग, वॉकिंग डांस ,वर्कआउट

    7 दिन का डाइट प्लान (Desi diet plan for weight loss)

    Day 1

    नाश्ता -सब्जियां मिक्स पोहा , ग्रीन टी, सेब
    लंच – मल्टीग्रेन, रोटी मिक्स वेज सब्जी , सलाद दाल
    डिनर – सूप, एक रोटी,रोस्टेड चना

    Day 2

    नाश्ता – ओट्स, दूध, सिया सीड्स ,फल
    लंच – ब्राउन राइस, राजमा ,सलाद
    डिनर – लौकी सब्जी, दही ,एक रोटी

    Day 3

    नाश्ता – बेसन चिल्ला, ग्रीन चटनी, तरबूज
    लंच – बाजरा रोटी ,पालक दाल, सलाद
    डिनर – मूंग दाल, खिचड़ी ,खीर

    Day 4

    नाश्ता – नींबू पानी ,बादाम, उपमा हर्बल चाय
    लंच – गेहूं रोटी ,भिंडी सब्जी ,सलाद दही
    डिनर – वेज सूप ,मल्टीग्रेन रोटी

    Read More : स्टेमिना बढ़ाने के लिए क्या खाएं : Stamina badhane ke liye diet

    Day 5

    नाश्ता – दलिया, फल, जूस
    लंच – ब्राउन राइस, दही ,दाल ,सलाद
    डिनर – लौकी सूप ,एक रोटी

    Day 6

    नाश्ता – पनीर ,उपमा
    लंच – दो रोटी, चना दाल ,सब्जी ,सलाद
    डिनर – खिचड़ी, रोटी

    Day 7

    नाश्ता – इडली ,सांभर, चटनी
    लंच – ब्राउन राइस, दाल तड़का, सब्जी
    डिनर – एक रोटी , लौकी ,सलाद

    Desi diet plan for weight loss in hindi

    वजन घटाने के लिए बेस्ट देशी खाना (Desi diet plan for weight loss)

    मूंग दाल – यह हल्का व इसमें हाइ मात्रा में प्रोटीन होता है जल्दी पचता है
    स्प्राउट – इस कम कैलरी व अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है
    बाजरा,ज्वार – इसमें फाइबर की अधिक मात्रा होती है वजन घटाने के लिए अच्छा
    सब्जियां – कम कैलरी और थोड़ी मात्रा में पेट भरा हुआ महसूस होता है जिससे कम खाते हैं
    छाछ – पाचन जल्दी होता है और शरीर को ठंडा रखता है

    वजन घटाना है तो यह गलतियां ना करें

    • ज्यादा खाना खाने से बचें ज्यादा खाएंगे तो कैलरी ज्यादा होगी
    • तेल से बना खाना कम ही खाएं उसमें भी तेल की मात्रा कम करें
    • कभी भी डाइट को बीच में न छोड़े
    • कोल्ड ड्रिंक शुगर से बनी चीजों को न खाएं
    • देर रात खाना न खाए 9:00 बजे से पहले डिनर कर ले

    देशी डाइट के साथ यह भी करें

    Desi diet plan for weight loss in hindi

    • रोज 30 40 मिनट एक्सरसाइज करना
    • रोज 7 से 8 घंटे की नींद जरूर ले
    • चिंता कम करें और रोज योग करें
    • खाना खाने के बाद थोड़ा पैदल जरूर चलें
    • बाजार की चीज बिल्कुल ना खाएं

    FAQ :

    1. फैट लॉस जल्दी कैसे करें ?

    अगर आप जल्दी वजन घटाना चाहते हैं तो एरोबिक व्यायाम, तेज चलना और रोज एक्सरसाइज करना रात में कम से कम 8 घंटे की नींद लेना एक हेल्थी डाइट फॉलो करें

    2. टॉप टी से फैट बर्न होती है क्या ?

    हां यह एक विकल्प हो सकता है टॉप टी में प्लेवोन की अधिक मात्रा होती है और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं इसे दूध के साथ पी सकते हैं यह शाकाहारी आहार है

    3. क्या ग्रीन टी वजन घटाने में फायदेमंद है ?

    हा ग्रीन टी में कैटेचिन की अधिक मात्रा होती है जो वजन घटाने में फायदेमंद है और कई प्रकार की एंटीऑक्सीडेंट होते हैं

  • वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए

    आज की समय हर कोई अच्छी बॉडी बनाना चाहता है इसके लिए वह डाइट जिम न जाने कितने प्रकार की चीज करता है पर फिर भी बॉडी नहीं बन पाती है और हमारे भारतीय खाने में रोटी जरूर शामिल होती है और खासकर उत्तर भारत में रोटी खाने में जरूर होती है

    और अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए क्योंकि रोटी में प्रोटीन, कार्ब्स ,फाइबर आदि पोषक तत्व होते हैं जो हमारा वजन बढ़ाने में मदद करते हैं
    वजन बढ़ाने के लिए आप दिन में कितनी कैलरी बर्न करते हैं उससे ज्यादा कैलरी खाने की जरूरत है एक अनुमान के मुताबिक आप रोज 500 कैलरी ज्यादा लेते हो तो आप एक हफ्ते में .5 kg वजन बढ़ा सकते हैं

    रोटी में पोषक तत्वों की मात्रा

    कैलरी – एक सूखी रोटी में 80 से 100 कैलरी होती है

    कार्बोहाइड्रेट– रोटी में 15 – 20 ग्राम कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होते हैं जो शरीर को एनर्जी देते हैं

    प्रोटीन– दो रोटी में 3- 4 ग्राम प्रोटीन होता है जो मसल रिकवरी में मदद करते हैं

    फाइबर– गेहूं की रोटी में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

    वसा – बिना घी की रोटी में वसा न के बराबर होती है

    जब भी आप एक रोटी पर एक चम्मच घी लगाते हैं तो उसमें आप 45 से 50 कैलरी और 5 ग्राम हेल्थी वसा ,प्रोटीन, फाइबर मिलकर 140- 150 कैलरी की बन जाती है जो वजन बढ़ाने के लिए सही है

    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए
    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए

    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए

    इसका कोई सही उत्तर नहीं है यह आपके शरीर व दिनचर्या पर निर्भर करता है
    आपकी बॉडी का बीएमआर क्या है आपकी बॉडी रिकवरी के समय कितने कैलरी बर्न करती है आप दिन भर में कितनी एक्टिविटी करते हैं और कितनी कैलरी बर्न होती है आपका वजन बढ़ाने का कितना लक्ष्य है

    1. शुरुआत करने वालों के लिए (Beginner )

    अगर आप काम ज्यादा बैठे रहने का है और आप ज्यादा एक्टिविटी नहीं कर पाते हो और वजन बढ़ाना चाहते हो तो
    लंच- तीन घी वाली रोटी खाएं
    डिनर- 2 घी वाली रोटी खाएं
    कुल – पूरे दिन में पांच रोटी खाएं

    2. सामान्य एक्टिविटी वाले (moderately)

    अगर आप हफ्ते में तीन से चार दिन व्रत वर्कआउट या कोई गेम खेलते हो तो
    लंच- 4 घी वाली रोटी
    डिनर – 3 घी वाली रोटी खाएं
    कुल – दिन में 7 रोटी

    3. एडवांस लेवल (highly active)

    अगर आप एक एथलीट, स्पोर्ट्स मेन या कोई हाई एक्टिविटी वाला काम करते है
    लंच – पांच घी वाली रोटी
    डिनर – 3- 4 घी वाली रोटी
    कुल – 8 से 9 रोटियां

    शुरुआत हमेशा कम से करें और यह डाइट शेड्यूल हर किसी पर किसी पर लागू नहीं होता क्योंकि हर व्यक्ति की बॉडी अलग-अलग होती है

    रोटी के साथ क्या खाएं

    अकेले रोटी खाने से कुछ नहीं होता रोटी का फायदा उसके साथ हाई पोषक तत्व वाली चीज खाने से मिलता है
    आप कई प्रकार की हाई प्रोटीन डिश रोटी के साथ खा सकते हैं
    जैसे- दाल मखनी ,मटर पनीर, शाही पनीर नॉनवेज, दही,सब्जियां आदि

    Read More : स्टेमिना बढ़ाने के लिए क्या खाएं : Stamina badhane ke liye diet

    चावल वजन बढ़ाने के लिए अच्छा विकल्प है

    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए
    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए

    चावल खाने के बाद हमारी बॉडी को पूरे दिन धीरे-धीरे एनर्जी मिलती रहती है चावल रोटी की अपेक्षा जल्दी पचते हैं आपको वजन बढ़ाने के लिए चावल और रोटी दोनों खानी चाहिए लंच में आप चावल खाएं और डिनर में रोटी खानी चाहिए क्योंकि रोटी में फाइबर होते हैं जो जल्दी पचती है

    रोटी के महत्वपूर्ण तथ्य –

    • अपनी हर डाइट में रोटी को शामिल करें
    • रोटी पर घी या बटर लगाकर खाएं
    • आप रोटी का पराठा बनाकर भी खा सकते हैं
    • रोटी को सब्जी के साथ खाएं जिसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन हो उदा. राजमा, चिकन
    • चावल रोटी दोनों मिक्स करें जिससे कै लरी की मात्रा बढ़ती है

    वजन बढ़ाने के लिए टिप्स

    अगर आप एक मजबूत बिल्डिंग बनाना चाहते हो तो सिर्फ ईंटों से नहीं बनती उसके लिए सीमेंट सरिया आदि चीजों की जरूरत होती है उसी तरह एक मजबूत बॉडी सिर्फ रोटी खाने से नहीं बनती इसके लिए आपको बहुत सी चीजों की जरूरत पड़ती है

    • रोज 40 से 50 मिनट जिम या एक्सरसाइज करें जिससे आपके मसल का साइज बढ़ेगा रोज 10-15 मिनट वेट ट्रेनिंग जरूर करें
    • मसल की ग्रोथ के लिए जरूरी है कि उन्हें पूरा आराम मिले इसके लिए रोज 7 से 8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें क्योंकि नींद में हमारे मसल की रिकवरी होती है
    • पानी से ही मात्रा में पिए बॉडी को हमेशा हाइड्रेट रखें एक दिन में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पिए
    • स्ट्रेस कम करें ज्यादा चिंता करने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो वजन कम करता है शरीर को कमजोर बनाता है
    • रोज योग व ध्यान करें जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और दिमाग हमेशा पॉजिटिव रहता है

    जो वजन बढ़ाना चाहते हैं वो ये गलतियां ना करें

    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए
    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए

    • सिर्फ रोटी खाना प्रोटीन पर ध्यान न देना
    • बाजार के प्रोसेस्ड फूड खाना
    • एक्सरसाइज न करना या बीच-बीच में छोड़ देना
    • पूरी नींद नहीं लेना और टाइम पर न सोना
    • सिगरेट, शराब का सेवन करना

    निष्कर्ष :

    वजन बढ़ाने के लिए कितनी रोटी खानी चाहिए इसका जवाब आपकी बॉडी की जरूरत के मुताबिक होता है आपकी बॉडी किस लेवल पर है रोटी पर हमेशा घी लगाकर खाना चाहिए इसे कैलरी और प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है और एक अच्छा रूटिंन अपनाए जिससे आपका वजन बढ़ सके और आप फिट रहे हैं

  • दौड़ते समय जल्दी थक जाना | 10 Running tips in hindi

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना यह आज के समय एक आम समस्या बन गई है और कोई भी फिजिकल काम करते हैं तो जल्दी सांस फूलने लगती है इसके कई कारण हो सकते हैं
    जैसे शरीर में कमजोरी, गलत खानपान, डिहाइड्रेशन, नींद की कमी गलत तरीके से दौड़ना और लॉ टेस्टोस्टेरोन आदि


    रनिंग एक वजन घटाने और स्टेमिना बढ़ाने के लिए अच्छी एक्सरसाइज है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है रनिंग करने से हमारे पूरे शरीर के मसले एक्टिव होते हैं यह एक फुल बॉडी वर्कआउट है अगर रोज 10-15 मिनट आप दौड़ते हैं तो कई प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं
    कुछ लोगों की शिकायत की दौड़ते समय जल्दी थक जाना, स्टैमिना की कमी ,जल्दी सांस फूलना आदि
    इससे बचने के उपाय व कारण जानते हैं

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना के क्या कारण है

    कमजोरी (weakness)

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना

    अगर आप रोज एक्सरसाइज नहीं करते हो तो इस वजह से आपके शरीर की एंडोरेंस पावर कम है जिससे आप रनिंग करते समय जल्दी थकते हैं शरीर में ताकत बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट ले

    गलत तरीके से सांस लेना (wrong breathing)

    आप दौड़ते समय गलत तकनीक से सांस लेते हैं आप दौड़ते समय ज्यादा तेजी से सांस लेते हैं जिससे बॉडी में ऑक्सीजन की पूर्ति कम होती है और आप जल्दी थकते हैं

    गलत खान-पान (unhealthy foods)

    शरीर को एक्टिव रखने के लिए हमारे शरीर में पोषक तत्वों की पूरी मात्रा होनी चाहिए अगर हमारे शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा कम है तो हमारी बॉडी को एनर्जी लेवल कम होता है

    Read More : तेजी से वजन कैसे घटाएं घरेलू उपाय ( 10 Home remedies for weight lose)

    कम पानी पीना (dehydration)

    शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन होने लगता है और जिससे थकान जल्दी महसूस होती है रनिंग करने के लिए शरीर में पानी की मात्रा पूरी होनी चाहिए

    नींद की कमी (lake of sleep)

    अगर आप 7 घंटे से काम सोते हैं तो बॉडी मसल को रिकवर होने के लिए कम समय मिलता है जिससे रनिंग करते समय थकान महसूस होती है

    मोटापा (obesity)

    ज्यादा वजन होने से बॉडी पर दबाव ज्यादा पड़ता है जिससे जल्दी थकान महसूस होती है और मोटे लोग किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी करने पर जल्दी थक जाते हैं

    वर्मअप न करना (warm up)

    रनिंग ,खेल ,वर्कआउट आदि करने से पहले बॉडी को वार्म अप करना बहुत जरूरी होता है जिससे हमारे मसल एक्सरसाइज करने के लिए एक्टिव होते हैं

    अस्वस्थ (umfit)

    अगर आपको किसी प्रकार की बीमारी जैसे अस्थमा, बीपी, ह्रदय रोग आदि है तो इस वजह से रनिंग करते समय जल्दी थकान महसूस होती है

    दौड़ते समय थकान कम करने के उपाय

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना

    1. सही तकनीक (wrong technique)

    दौड़ते समय नाक से सांस लेनी चाहिए और मुंह से बाहर निकाले और गहरी सांस ले ताकी फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन जा सके और धीरे-धीरे सांस ले तेज सांस लेने से सांस फूलने लगती है

    2. स्टैमिना बढ़ाएं (Boost stemina)

    धीरे-धीरे दौड़ने का समय बढ़ाए एक दिन में ही ज्यादा रनिंग न करें और रोज थोड़ा-थोड़ा तेज दौड़ना शुरू करें

    3. अच्छी डाइट (Diet )

    सुबह का नाश्ते में कार्ब्स की अधिक मात्रा ले और शरीर में प्रोटीन की कमी न होने दें ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां और फल खाएं जिससे से विटामिन व खनिज तत्वों की मात्रा पूरी हो बाजार की तली हुई चीज खाने से बचें

    4. प्राप्त पानी ( water )

    शरीर में पानी की मात्रा कम न होने दे दौड़ने से आधा घंटा पहले पानी पिए और बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहे ताकि बॉडी हाइड्रेट रहे दिन में कम से कम तीन से सवा तीन लीटर पानी जरूर पिए

    5. वॉर्म अप (warm up)

    दौड़ने से पहले वॉर्म अप जरूर करें ताकि बॉडी रनिंग के लिए एक्टिव हो सके

    6. नींद (sleep)

    रोज 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें जिससे बॉडी को रिकवर होने का समय मिल सके सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल टीवी बंद कर दें जिससे गहरी नींद आए

    7. वजन घटाएं (weight lose)

    अगर आपका वजन ज्यादा है तो आपको रनिंग करते समय कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए अपना वजन घटाएं

    यह गलतियां ना करें

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना

    • खाली पेट रनिंग न करें
    • ज्यादा खाना खाने के बाद दौड़ना
    • रोज रनिंग करना बीच में एक दिन भी रेस्ट न करना
    • चप्पल में या नंगे पांव दौड़ना
    • जींस या फॉर्मल कपड़ों में रनिंग करना
    • ऊबड़ खाबड़ रास्ते पर दौड़ना

    निष्कर्ष :

    दौड़ते समय जल्दी थक जाना एक आम समस्या है जो शुरुआत में दौड़ते समय आती है जैसे ही हम धीरे-धीरे रोज दौड़ने लगते हैं तो हमारा स्टैमिना बढ़ने लगता है इस लेख में दिए के उपाय को अपनाते हैं तो दौड़ते समय थकान महसूस नहीं होगी और रनिंग करने से पहले थोड़ा पानी जरूर पिए क्योंकि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा का होना बहुत जरूरी है बॉडी हमेशा हाइड्रेट रहनी चाहिए

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल –

    1. दौड़ते समय जल्दी थक जाना के क्या कारण है ?

    दौड़ते समय जल्दी थकते हो तो मतलब आप में स्टेमिना की कमी है और इसके लिए आप अच्छी डाइट लें और रोज वर्कआउट करें जिससे आपका स्टैमिना धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा

    2. दौड़ने में 10 मिनट का नियम क्या है ?

    जब भी आप रनिंग करते हो तो 1 मिनट दौड़ने के बाद है आपको पता चलता है कि मैं और कितना दौड़ सकता हूं और 10 मिनट दौड़ने के बाद आप रुक सकते हो क्योंकि एक दिन में 10 मिनट दौड़ना प्राप्त रहता है

    3. दौड़ने से पहले क्या नहीं करना चाहिए ?

    दौड़ने से पहले ज्यादा खाना नहीं खाना चाहिए खासकर मीठा और फाइबर युक्त भोजन दौड़ने से पहले ना खाएं दौड़ने से आधा घंटा पहले खाएं उसके बाद कुछ मत खाए रनिंग करने के बाद ज्यूस ,नींबू पानी, प्रोटीन शेक पी सकते हैं