भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए | Bhramari pranayama in hindi

भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए | Bhramari pranayama in hindi

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में स्ट्रेस, चिंता, तनाव हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है और आज के समय हर कोई शांति चाहता है हर जगह शोर शराबा है और हर किसी के जीवन में परेशानी,टेंशन चल रही है इससे बाहर निकलने के लिए बस 5 मिनट का योग आपको एकांत और अलग दुनिया में ले जा सकता है हम बात करें हैं ( Bhramari pranayama in hindi ) भ्रामरी प्राणायाम की जिसे bee breath भी कहते हैं

हमारे मन में सवाल रहता है कि भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए कब और कैसे करें योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा उपचार है यह हम भारतीयों को विरासत में मिला है योग की शुरुआत भारत से हुई है और आज यह दुनिया के हर कोने में फैल गया है और योग के हैरत अगेंज फायदे देखकर हर देश इसे अपना रहा है
आईए जानते हैं भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए ( Bhramari pranayama in hindi )

भ्रामरी प्राणायाम क्या है

भ्रामरी शब्द संस्कृत भाषा के ब्राह्मण से लिया गया है जिसका मतलब काला भंवरा होता है भ्रामरी प्राणायाम करते समय जब हम सांस छोड़ते हैं तो एक मधुमक्खी या भंवरा की तरह आवाज आती है भ्रामरी प्राणायाम सीधा हमारे नर्वस सिस्टम पर काम करता है नींद न आना, ज्यादा गुस्सा करना, ओवर थिंकिंग करना आदि समस्या में भ्रामरी प्राणायाम करना अच्छा रहता है

भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए | Bhramari pranayama in hindi

भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका ( Bhramari pranayama in hindi )

  • सबसे पहले आप कोई शांत जगह चुने जहां पर शोर न हो और जगह बिल्कुल साफ हो
  • अब आप पद्मासन या सुखासन मुद्रा में बैठ जाए अगर आपको जमीन पर बैठने में दिक्कत आ रही है तो आप कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं
  • धीरे-धीरे आंखें बंद करें और शरीर को रिलैक्स अवस्था में ले जाएं गहरी लंबी सांस लें और छोड़े अब सामुखी मुद्रा बनाएं इसके लिए अपनी उंगलियों को चेहरे पर रखे और अंगूठे से कान बंद कर ले दो उंगलियां आंखों पर हल्के दबाव के साथ रखें
  • अब गहरी लंबी सांस ले और अपने फफड़े हवा से पूरी तरह भर ले
  • भंवरे की तरह आवाज निकालते हुए सांस को छोड़ दे
  • यह चक्र 10 बार दोहराए और 15- 20 मिनट भ्रामरी प्राणायाम करें

भ्रामरी प्राणायाम के फायदे ( Bhramari pranayama in hindi )

1. तनाव से मुक्ति (stress free)

भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए | Bhramari pranayama in hindi

भ्रामरी प्राणायाम करते समय निकली आवाज हमारे दिमाग में शांत वातावरण बनाती है और कोर्टिसोल हार्मोन को कम करती है एंड्रोफिन हार्मोन को रिलीज करती है जिससे हमें शांति महसूस होती है

2. याददाश्त (memory sharp)

यह याददाश्त बढ़ाने के लिए सबसे अच्छी प्रक्रिया है यह दिमाग के दोनों hemispheres को नियंत्रित करती है जिससे फॉक्स और ध्यान बढ़ता है

3. ब्लड प्रेशर नियंत्रित (blood pressure)

योग के दौरान शरीर में कंपन होने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और हार्ट रेट स्थिर होती है दिल की मरीज के लिए एक वरदान है

4. नींद न आना ( insomnia )

कुछ लोगों को नींद न आने की समस्या होती है अगर आपको भी रात में देर तक नींद नहीं आती है तो सोने से पहले 5 मिनट ब्राह्मणी प्राणायाम करें जिससे आपका दिमाग शांत होगा और गहरी नींद आएगी

5. थायराइड में फायदेमंद ( thyroid )

भ्रामरी प्राणायाम करने से नाक और गले में कंपन होती है जो थायराइड ग्रंथि को stimulate करती हैं और sinus congestion को साफ करने में मदद करती हैं

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6. सर दर्द में राहत ( headache )

जिस किसी को भी सर दर्द की समस्या है उसके लिए भ्रामरी प्राणायाम करना काफी फायदेमंद होता है इसे रोज करने से माइग्रेन की समस्या भी कम होती है

भ्रामरी प्राणायाम के नियम

भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए | Bhramari pranayama in hindi

  • खाली पेट ही करें या खाना खाने की तीन-चार घंटे बाद भी कर सकते है
  • सांस छोड़ते समय आवाज निकालने के लिए ज्यादा जोर न लगाएं
  • अगर आपके कान में दर्द या कोई संक्रमण है तो अंगूठे से कान बंद ना करें
  • प्रेग्नेंट महिलाएं भी कर सकती है पर ज्यादा देर सांस को रोक कर न रखें
  • भ्रामरी प्राणायाम हमेशा शांत जगह पर ही करें जहां पर कोई शोर न हो

भ्रामरी प्राणायाम किसे नहीं करना चाहिए

  • जिनके कानों में severe इन्फेक्शन है
  • प्रेगनेंसी में डॉक्टर की अनुमति पर ही करें
  • छाती में दर्द होने पर और दिल के मरीज न करें
  • भ्रामरी प्राणायाम करते समय चक्कर आए तो तुरंत रुक जाए

निष्कर्ष ( conclusion )

भ्रामरी प्राणायाम ऐसी क्रिया है जो हमें अपने अंदर की दुनिया से जोड़ती है आज की इस रफ्तार भरी दुनिया में भ्रामरी प्राणायाम करने से थोड़ा सुकून मिलता है और रोज 10 मिनट करने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है अगर आप स्ट्रेस रहित शांत और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो भ्रामरी प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें भ्रामरी प्राणायाम कितनी बार करना चाहिए ( Bhramari pranayama in hindi ) लेख कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. भ्रामरी प्राणायाम कितनी देर करना चाहिए ?

अगर आप ने अभी शुरुआत की है तो 5-10 मिनट करें और धीरे-धीरे टाइम बढ़ाते जाएं रोज करने से मन शांत होता है और गहरी नींद आती है

2. क्या भ्रामरी प्राणायाम आंखों के लिए अच्छा है ?

हां प्राणायाम के कई आसान होते हैं जिन्हें करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और स्वस्थ रहती है जैसे अनुलोम विलोम ,कपालभाति, भ्रामरी आदि रोज करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और रक्त संचार अच्छा होता है

3. क्या भ्रामरी प्राणायाम सोने से पहले कर सकते हैं ?

हां भ्रामरी रात में सोने से पहले गद्दे पर बैठकर 5- 10 मिनट रोज कर सकते हैं इससे नींद अच्छी आती है

4. सबसे पावरफुल प्राणायाम कौन सा है ?

कोई एक प्राणायाम सबसे शक्तिशाली नहीं है सब प्राणायाम के अपने-अपने फायदे होते हैं सबका अलग-अलग प्रभाव शरीर पर पड़ता है